top of page
  • Facebook
  • Twitter

सबसे सुंदर सपने

  • Writer: Mast Culture
    Mast Culture
  • Jul 10
  • 2 min read

By Prachi Dwivedi


सबसे सुंदर सपने 

कोई पुरुषोत्तम मानेगा, कोई प्रश्नचिन्ह लगाएगा 

सब आदर्श मानेगे, कोई भुवन सुन्दर,कमलनयन, राजीवलोचन,रघुनन्दन,राम, राघव श्रीरामचन्द्र बन जाएगा।। 

जब वो अवसर आया होगा सब राजकक्ष को भागे होंगे, कोई मोती पाया होगा, कोई कोष लुटाया होगा । 

कोई ठहर के देखा होगा, कोई गीत सुनाया होगा कोई नजर उतारा होगा,कोई प्रार्थना मे लाया होगा। 

कोई अद्भुत मानेगा,कोई चकित हो जाएगा कोई हीरा पायेगा,कोई सब कुछ लुटाएगा। 

कोई पुत्र कहेगा,कोई नारायण सा स्वीकारेगा कोई शून्य कहेगा, कोई अनन्त सा निहारेगा। 

कोई राम को कैकयी सा मानेगा, कोई सुमित्रा बन जाएगा कोई भरत को कौशल्या सा मानेगा, कोई मंथरा सा अलापेगा। 

कोई प्रिय भरत बनेगा, कोई प्रतिबिंब सा लखन बन जाएगा कोई अर्थ शत्रुघ्न बन कर अपना कर्तव्य निभाएगा। 

कोई उर्मिला सा ठहर जाएगा, कोई सुलक्षणा सा परिवार सम्हालेगा 

कोई वैदेही सा वन जाएगा, कोई "तुम भी साथ क्यूँ नहीं चली गयी" ये सुनने को पाएगा। 

कोई निषादराज बनेगा, कोई जग खेने वाले को गंगा पार कराएगा 

कोई आलिंगन करेगा, कोई हठ करके चरण धुलाएगा 

कोई कैकयी सा विलाप करेगा, कोई मंथरा सा प्रहार सहेगा 

कोई ममता का त्याग करेगा, कोई सौभाग्यवश अतिरिक्त प्रेम सा भरत को स्वीकारेगा 

कोई विलाप करेगा, कोई मनाने जाएगा 

कोई पादुका लेकर लौटेगा, कोई आदर्शप्रेम बन जाएगा। 

कोई धरा पर सोयेगा, कोई उसमे भी कुछ नीचे अपना स्थान बनाएगा, 

कोई चौदह वर्ष वन मे बिताएगा, कोई एक क्षण क्षण को चौदह वर्ष बनाएगा । 

कोई स्वर्ण मृग को दौड़ेगा, कोई मारीच बन कर हे ! सीते, हे ! लक्ष्मण पुकारेगा 

कोई ज्ञानी, अभिमानी, क्रोधी और कामी, साधु बनकर सिया हर जाएगा 

कोई शबरी बनकर डगर निहारेगी, कोई ब्राह्मण बनकर प्रतीक्षा करेगा 

कोई प्रेमवश मीठे बेर चिखायेगी, कोई मिलकर मोती सा अश्रु बहाएगा 

कोई सुग्रीव से मिलाएगा, कोई मित्रता कराएगा 

कोई बालि को मारेगा, कोई युवराज अंगद को स्वीकारेगा 

कोई जामवंत सा जागृत करेगा, कोई सिंधु को ललकारेगा कोई सुरसा को चकित करेगा, कोई सिंहनी को मारेगा 

कोई लंकिनी को हरायेगा, कोई सन्त से मिल आएगा कोई सिया को मुंदरी देगा, अष्ट सिद्धि नवनिधी का वरदान पाएगा 

कोई एक पुत्र का वध करके, सम्पूर्ण लंका को ललकारेगा कोई दहन के लंका को, चूड़ामणि भी लाएगा 

कोई विभीषण को त्यागेगा, कोई शीश पर सजाएगा कोई समुद्र ललकारेगा, कोई हाथ जोड़कर डगर मांगेगा 

कोई साधारण सा समझेगा, कोई पानी पर पत्थर भी तैराएगा कोई अभिमान मे बैठा होगा, कोई रीक्ष वानर लेकर सीमा तक आ जाएगा 

कोई इंद्रजीत सा वीर होगा, कोई कुंभकर्ण अकारण ही भात्तृ प्रेम निभाता युद्धभूमि मे तर जाएगा 

कोई मूर्च्छित लखन को करेगा, कोई संजीवनी लाएगा 

कोई इंद्रजीत को स्वर्ग भेजेगा, कोई लंकेश को साधारण मानव सा हरायेगा 

सब अहंकार का परिणाम देखेंगे, कोई कर्मकांड के लिए भी शेष नहीं रह पाएगा 

कोई इंद्रजीत को स्वर्ग भेजेगा, कोई लंकेश को साधारण मानव सा हरायेगा 

सब अहंकार का परिणाम देखेंगे, कोई कर्मकांड के लिए भी शेष नहीं रह पाएगा 

कोई चौदह वर्ष की पूर्णता देखेगा, कोई सम्पूर्ण राज्य मे दीपक जलवाएगा 

कोई राम पुरुषोत्तम बन कर लौटेगा, कोई दौड़ता सर्वप्रथम कैकयी से मिलने जाएगा 

कोई भरत देखेगा अपने स्वामी को, कोई उर्मिला अपने लखन को देखती रह जाएगी, 

कोई दशरथ की ईच्छा पूर्ण होगी, कोई राम पुरुषोत्तम चक्रवर्ती राजा श्रीरामचंद्र बन जाएगा । 

(निज शरण लीजै भक्ति दीजे दोष त्रुटि कीजे क्षमा) 

प्राची ****** 


By Prachi Dwivedi

Recent Posts

See All
Her Sorrow.

By Parvathi MV A girl cries silently late in the night, then the next morning she’s completely fine. She wails silently again, every...

 
 
 
"Butterflies In My Tummy"

By Dr. Khushboo Gupta (Story about Kindness & Compassion) Few years back when I was in the college, was appointed as intern in one of the...

 
 
 
Reharsals Of Choices

By Nuzat Morve Chapter 1: From Shy to Bold There was a time when Aanya barely spoke. She preferred the quiet corners of the classroom,...

 
 
 

Comments


Mast Culture Connect

Subscribe for Updates From Mast Culture

Thanks for submitting!

Terms & Conditions | Privacy Policy | Refund and Return Policy | Shipping and Delivery Policy

©2022-25 by Mast Culture                                                                                                                                                   A Boozing Brand Media Community 

bottom of page