!! नारी !!
- Mast Culture

- Jul 10, 2025
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By Manisha Jadhav
कोई मै खिलौना नही
जो एकबार लेकर छोड दिया
ना कोई कागज का वो तुकडा
जो रदीं बनाकर बैच दिया
शादी से पहले कहते थे
तुम मुझको प्यार से शोना
फिर क्यू तुमने छोड दिया
मेरे लिए बस रोना
अब तो छोड दिया तुमने
मुझको चार दिवारी मे
ना कोई आशिक,ना कोई मजनू
बस बैच रहे बाजारों मे
चिर के देखो तुम मेरा सिना
दिल तुम्हारे लिए फिर भी धडकता है
क्यू अन्जाने मे भरोसा किया
ये कहकर दिल रोता है
मै समजाऊ खुदको
तू रोती है तो कमजोर है
रोना धोना छोड दे अबसे
तूही संसार का मौल है
याद रख नारी तू अबसे
बुरी नजर से आँख उठाकर ना कोई देखे तूझे
देख लिया तो कहदे खुलकर
बना दुंगी राख तूझे
By Manisha Jadhav



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