Sacche Pyar Ki Roshni

By Diganta Talukdar
तूफ़ानों में जो दिया जलाए, वो सच्चा प्यार होता है,
जो हर दर्द में मुस्कुराए, वो सच्चा यार होता है।
न लफ़्ज़ों की ज़रूरत, न क़समों की डोरी,
बस एक एहसास ही काफ़ी है, जो बांध दे ज़िंदगी पूरी।
इश्क़ वो नहीं जो चेहरों की खूबसूरती पे मर जाए,
इश्क़ वो है जो रूह की गहराइयों तक उतर जाए।
तेरी हँसी मेरी सुबह, तेरी उदासी मेरी शाम,
तेरा हर ख़्वाब मेरा सपना, तेरा हर आँसू मेरा नाम।
जो बिना कहे समझ ले, वो रिश्ता खास होता है,
जो दूर रहकर भी पास लगे, वो एहसास होता है।
हर मोड़ पे चाहूँ तुझे, हर राह में तेरा इंतज़ार,
तेरी बाँहों में मिले सुकून, तेरा साथ ही मेरा संसार।
जो वक्त के साथ न बदले, वो सच्चा प्यार होता है,
जो हर जनम में साथ निभाए, वो तेरा यार होता है।
By Diganta Talukdar
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