top of page
  • Facebook
  • Twitter

उठो माधव!

  • Writer: Mast Culture
    Mast Culture
  • Jul 9, 2025
  • 1 min read

By Krati Sharma


तुम तो उस मिट्टी से हो ना जहाँ स्त्री के अपमान का प्रतिशोध,


तुम बातों से नहीं, लंका दहन और महाभारत करके लेते हो


स्त्री के केश मात्र छूने वाले को,


तुम छाती से चीर देते हो


तुम तो उस युग से हो ना, जहाँ तुम्हारे आदर्श राम, शिव और कृष्ण हैं


तो तुम स्त्री अपमान पर, मौन कैसे साधे बैठे हो?


किन कायरों को अपना आदर्श मान बैठे हो?


उस स्त्री के आंसुओं और चीखों को,


तुम मोमबत्ती से जलाये बैठे हो?




उठो माधव, जगाओ अपने अंदर का पांडव, राम, शिव और कृष्ण


ये बदलाव तुम्ही को लाना है


हर स्त्री को महफ़ूज़ तुम्हें ही महसूस कराना है


उठो माधव, जगाओ खुदको


इन स्त्रियों की ढाल तुम्हीं को बनना है


ये बदलाव तुमहीं को लाना है


उठो माधव, कबतक ये मौन साधोगे?


और कितनी बहन-बेटियों को मौत के घाट उतारोगे?


कब खोलोगे आँखे अपनी और इस हैवानियत का अंत करोगे?


कब समझोगे अपनी महत्वत्ता और इन स्त्रियों की रक्षा करोगे?


उठो माधव, अब तो जाग जाओ


इंसानियत की पुकार है, वहाँ बैठी हर स्त्री को तुमसे ही बदलाव की गुहार है!


उठो माधव, अबतो जाग जाओ!


By Krati Sharma

Recent Posts

See All
Kulam Kulam Ane Kakulam

By Gudimella D N G Bhavani కులం కులం అనే కాకులం కులం నిలువదు‌రా ఎ‌ల్లకాలం కులం వదిలి ,పట్టరా క‌‌లం అప్పుడే కాగలవు అబ్దుల్ కలాం... కులం...

 
 
 
Kulam Kulam Ane kakulam

By Gudimella D N G Bhavani kulam kulam ane kakulam kulam niluvadhuraa yellakalam kulam vadhili pattaraa kalam appude kagalavu abdul kalam...

 
 
 
लाहौर

By Tejeshwar Singh मुझे अब खामोशी से जीना आ गया तेरी तसवीर से बात करना आ गया आँसू बगावत पर उतर आएं है मेरे मुझे अब वक्त से लड़ना आ गया ...

 
 
 

Comments


bottom of page