एक ख़्वाब
- Mast Culture

- Jul 7, 2025
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By Kanika
नींद, ख्वाब, हक़ीकत
सब में उलझन है।
जो भी पास है, दूर है
उन सब में उलझन है।
एक मोड़ पर जिन्दगी समझदार है
दूसरे मोड पर जिन्दगी अज़ल सवाल है
बीच में खड़े हम, वक़्त का सवाल है
रेत का जवाब है और हैरान वो बेताब है।
हर लम्हा एक नया सफर है
क्या ढूंढते है हम,
और क्या इसका जवाब है
क्या कशमकश है यह जिन्दगी और
वया यह एक जंजाल है।
जिन्दगी की किताब का वर्क है
ख्वाब. ए. ख़याल से लिखे है
हकीकत की सियाई से डूबे है
हर मंजिल पर उनकी नई बात है।
यह वक़्त का सफर है या
खुद से मुलाकात है,
कभी साहिल दिल-ए-ख्वाहिश है
और कभी रू-ब-रू भरी महफिल है।
यह जमीन बंजर है
आते है यहाँ तूफान बहुत है
तेरे न होने से यहाँ
दिल सुनसान बहुत है।।।
By Kanika



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