गले जरूर लगना
- Mast Culture

- Jul 9, 2025
- 2 min read
By Suyash S. Gaikwad
जीवन से किसीका चले जाना,
अक्सर काफी दुख देता है,
आख भरके रोले कोई,
तो कोई सिर्फ चुपचाप सेहता है। (1)
हम सबने खोया है किसीको,
चाहे वो हो प्रथम प्रेम या दोस्त,
एसे ही कोई छोड गया मुझे
Whom I loved the most. (2)
(यह बात है 2020 की)
एक दिन, ट्यूशन से घर आया,
तो घर मे था कोहराम छाया,
पूछने पे पता चला मुझे
की मेरा अपना होगया था पराया। (3)
जिनकी बाँहों मे बचपन मे सोया था,
जिनसे kinder joy की हठ करके रोया था,
अब याद आती है सारी गल्तियाँ मेरी,
एक बेटे ने बाप को जो खोया था। (4)
मन कर रहा था की काश,
यह हो एक बुरा सपना,
आँख खुल जाए या माँ पानी डाल दे,
परंतु छोड के ना जाए वो अपना। (5)
जिनकी गोद मे मेने खेला था,
जिनकी उँगली पकडके घूमा हर मेला था,
किस्मत के पासे कुछ एसे पल्टे,
आज मेरे कंधोंने उन्ही का वजन झेला था। (6)
ना एक अछ्छा बेटा बन पाया,
ना उनके आख्रि बार गले लग पाया,
अब इन अचीवमेंट्स का क्या करू,
जो छूट गया है उनका साया। (7)
परंतु,
वचन देता हू आपको,
प्रकृति ने है आज, मुझसे आपको छीना,
एक दिन इतना कामयाब बनुगा,
कि चौडा होजाए आपका सीना। (8)
गर्व से कहोगे आप,
कि हाँ!! मेरा बेटा है ये,
जितने रिश्तेदार ताने मार रहे थे,
अब क्या कहना चाहोगे इसपे? (9)
काश आपकी जगह पे आज मै मरता,
ये दिन तो नही देखना पडता,
इतनी कच्ची उमर मे,
इस दुख के मारे तो ना सडता। (10)
मुझे पता है की,
मेरे सर पे सदा आपका हात है,
काश किसी और जनम मे बता सकू,
आपके प्रति मेरे क्या जज्बात है। (11)
जहा भी हो आप इस जगत मे
बस अपना ध्यान रखना,
करना वो जो मे नही कर पाया,
अपने पिता के गले जरूर लगना। (12)
By Suyash S. Gaikwad



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