तू शक्ति है
- Mast Culture

- Jul 9, 2025
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By Suyash S. Gaikwad
हर तरफ हो रहा है,
तेरा ये अपमान क्यों?
तेरी कोख से जन्म लेकर,
तेरा ही देते बलिदान क्यों? (1)
निर्भया, हैदराबाद और कलकत्ता कांड,
हर जगह हुई तेरी हानि,
शर्म आति है ऐसे समाज से हू,
जिसने माँ-बहनों की इज्जत नही जानी। (2)
१९४७ मे भारत स्वतंत्र हुआ,
हमारी भारत माता हुई जाकर प्रसन्न कही,
अरे जिस देश मे औरतों कि इज्जत नही,
वो देश आज भी स्वतंत्र नही। (3)
डरना नही तू मेरी बेहेन,
तू किसी से कभी कम नही,
चाहे कितने ही महिषासुर आजाए,
तू दुर्गा है, कभी ये भूलना नही। (4)
स्वरूप है तू आदिशक्ति का,
हर मंत्र मे है नाम तेरा,
जिस भी घर मे विवाह हो,
हर घर है अब धाम तेरा। (5)
तुम ही श्याम की राधा हो,
परम प्रेम कि तुम हो मूर्ती,
तुझसे विरह पाके रघुवर,
प्रदान किए लंकेश को मुक्ति। (6)
तु माँ काली, तुम हो चामुण्डा,
हर कोई तुम्हे भजता है,
रौद्र रूप है तुम्हारा विकट,
और वात्सल्य रस तुझमे सजता हैं। (7)
तुम शिव की शक्ति हो,
तुझसे प्राप्त होता जीवन,
तुझे बुरी दृष्टि से देखे जो,
तुम्हारे हातों हो उसका दमन। (8)
तुम माता हो घर-घर की,
तुझे हर कोई संजोता है,
जीवन से जिसके तू चली जाए,
वो सब कुछ पाकर भी खोता हैं। (9)
जिस खानदान मे हो तेरा सम्मान,
वही ईश्वर का है निवास स्थान,
जहा न हो ऐसा अन्यथा,
वहा विफल जाए हर अनुष्ठान। (10)
तू बस आगे बढती रेहे,
हर सपने को पूरा करोगी तुम,
जिस भी क्षेत्र मे जाओगी,
वहा की महाराणी बनोगी तुम। (11)
साथ तुम्हारे सदा है हम,
रात को भी सूर्यदेव जब ढलते है,
स्त्री-सम्मान को सीने पे ले चले जो
वही अस्ली मर्द कहलाते है। (12)
विश्व का प्रत्येक घर अब
बनेगा जो तेरा धाम है,
सिर्फ ८ मार्च ही नही,
साल का हर दिन तेरे नाम है। (13)
By Suyash S. Gaikwad



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